ज्यादा पानी पीना बन सकता है मौत का कारण!! कब, क्यों, कैसे और कितना पानी पिए?

ज्यादा पानी पीना बन सकता है मौत का कारण!! कब क्यों, कैसे और कितना पानी पिए?:-

 ज्यादा पानी पीना बन सकता है मौत का कारण!! कब, क्यों, कैसे और कितना पानी पिए? जी हां आज के इस आर्टिकल में मैं आपको ज्यादा पानी पीने के क्या-क्या जानलेवा नुकसान हो सकते है उसके बारे में बताऊंगा।दोस्तों, हम सब जानते हैं कि जल ही जीवन है, लेकिन अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं तो यह आपके लिए जानलेवा भी हो सकता है। आज मैं आपको पानी पीने के विज्ञान की सही जानकारी दूंगा। पानी कब, कितना और कैसे पीना चाहिए उसके बारे में बताऊंगा।

ज्यादा पानी पीना बन सकता है मौत का कारण!! कब क्यों, कैसे और कितना पानी पिए?


 अगर आप सोच रहे हैं कि ज्यादा पानी पीना मौत का कारण कैसे बन सकता है! तो मैं आप से रिक्वेस्ट करूंगा कि आप इस आर्टिकल को पूरा अवश्य पढ़ें। आज बहुत सारे लोगों की धारणा बन गई है कि ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से पेट साफ रहता है, किडनी साफ रहता है, चेहरे में निखार आता है, शरीर मे चुस्ती-फुर्ती बनी रहती है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आज के इस आर्टिकल में आधुनिक विज्ञान और आयुर्वेद में वर्णित उन तथ्यों के आधार पर हम जानेंगे कि कैसे आवश्यकता से अधिक पानी पीना जानलेवा हो सकता है। इसे भी पढ़े:-आयुर्वेद के साइड-इफेक्ट्स
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तो चलिए सबसे पहले हम आयुर्वेद में वर्णित तथ्यों के आधार पर जानते हैं कि ज्यादा पानी पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। आयुर्वेद में बागभट्ट ऋषि ने कहा है कि जब ज्यादा ही प्यास लगी हो  तब भी प्यास से ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए। अगर आप प्यास से ज्यादा पानी पीते हैं तो आपके शरीर में वात और पित्त से संबंधित लगभग 60 तरह की बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं।

जरूरत से ज्यादा पानी पीना हमारे पेट की पाचक अग्नि यानी जठर अग्नि को कम कर देता है। जब पेट की जठराग्नि कम हो जाती है तो हम जो कुछ भी खाते हैं उसका पाचन सही से नहीं होता जिससे हमारे पेट में आम विष बनता है जो बहुत सारी बीमारियों का कारण बनता है।

 खाना खाने के बाद तुरंत ज्यादा पानी पीना हमारे digestion system को कमजोर कर देता है। ऐसे में खाया हुआ भोजन हमारे पेट मे पचता नहीं है जिससे कब्ज, गैस और पेट मे अल्सर की प्रॉब्लम स्टार्ट होती है जो शरीर मे होने वाली सभी बीमारियों की मुख्य वजह है।

अगर आप यह सोचते हैं कि पानी ही तो है आसानी से पच जाता होगा, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पानी को पचाने में भी शरीर को मेहनत करनी पड़ती है। सादा पानी को पचाने के लिए शरीर को कम से कम 3 घंटे का समय लगता हैं।

 अगर आप आयुर्वेद के तथ्यों को नहीं मानते हैं, अगर आप केवल आधुनिक विज्ञान पर ही विश्वास करते हैं तो मैं आपको बताना चाहूंगा की ऑस्ट्रेलिया में  विक्टोरिया के मोनाश यूनिवर्सिटी में हुए शोध के रिपोर्ट में भी ये बताया गया है की टू मच ड्रिंकिंग वाटर कैन किल यू।

रिपोर्ट में बताया गया है कि जरूरत से ज्यादा पानी पीने की वजह से हमारे शरीर में सोडियम की मात्रा कम हो जाती है जिसे Hyponatremia कहां जाता है।

ज्यादा पानी पीना बन सकता है मौत का कारण!! कब क्यों, कैसे और कितना पानी पिए?


Hyponatremia की वजह से शरीर में नमक की मात्रा कम हो जाती है जिससे शरीर में सूजन आने लगती है।एडिमा की प्रॉब्लम हो जाती है। एडिमा वह बीमारी होती है जिसमें शरीर के किसी हिस्से को दबाने से गड्ढा बन जाता है। अगर यह बीमारी लगातार बनी रहती है तो यह हमारे ब्रेन तक पहुंच जाती है। इस बीमारी से ब्रेन हैमरेज, ब्रेन डेड जैसी नौबत आ सकती है।

ज्यादा दिनों तक सोडियम की कमी की वजह से आदमी कोमा में भी जा सकता है। इसके अलावा जरूरत से ज्यादा पानी पीने की वजह से हमारे शरीर में पानी की मात्रा ज्यादा हो जाती है जो टिश्यू, फेफड़े  और  ब्रेन में इकट्ठे होने लग जाती है जिससे शरीर में सूजन आती है।

 ज्यादा समय तक एक जगह पर ज्यादा पानी रुकने से वहां पर इन्फेक्शन होने के चांस ज्यादा होते है। शरीर में ज्यादा पानी होने की वजह से घबराहट, बेचैनी, जी मिचलाना और चक्कर आना जैसी शिकायत हो सकती है।

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इसलिए जरूरत से ज्यादा पानी पीना आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस के दोनो के अनुसार ठीक नहीं है। कहा भी गया है अति सर्वत्र वर्जयेत यानी किसी चीज की अधिकता नुकसानदेह साबित होती है चाहे वह अमृत ही क्यों ना हो।

अब सवाल उठता है कि हमें कितना पानी पीना चाहिए?आयुर्वेद कहता है हर व्यक्ति अलग है उसे अपने जरूरत के अनुसार पानी पीना चाहिए। आयुर्वेद में यह कहीं भी नहीं लिखा हुआ है कि आप दिनभर में 4 गिलास पानी पियो या 10 गिलास पानी पीओ।

 मॉडल साइंस में भी इसका कोई जिक्र नहीं है कि कितना पानी पीना चाहिए। इस तरह से इसका निष्कर्ष यह निकलता है कि हमें पानी उस समय ही पीना चाहिए जब हमें प्यास लगे। जिस तरह हमें भूख लगती है तो हम खाना खाते हैं और उतना ही खाते है जितनी कि भूख लगी हो। जब हम भूख से ज्यादा भोजन करते है तो हमे पेट से संबंधित बीमारियां हो जाती है। ठीक उसी तरह से जब हमें प्यास लगे तो उतना ही  पानी पीना चाहिये जितनी प्यास हो, प्यास से ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए।


इस तरह से आप समझ गए होंगे कि जरूरत से ज्यादा पानी पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। इस आर्टिकल को पढ़ कर हो सकता है आपके मन में बहुत सारे सवाल आये होंगे। अगर ऐसा कुछ है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते है।

दोस्तों  आज के इस आर्टिकल में बस इतना ही उम्मीद करता हूं आज कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। अगर आपको लगता है की यह जानकारी सबके लिए जरूरी है तो इस आर्टिकल को अपने मित्रों और रिश्तेदारों को शेयर जरूर करें। धन्यवाद।
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